वाईएसआरसीपी ने मुख्यमंत्री पर वेलिगोंडा परियोजना का श्रेय चुराने का आरोप लगाया
विधायी परिषद सदस्य लेला अप्पी रेड्डी और पूर्व विधायक टीजेआर सुधाकर बाबू ने आज वेलिगोंडा जल परियोजना के संबंध में तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का अधिकांश कार्य यशवंत राजेन्द्र और यशवंत राजेन्द्र जगरामोहन के शासनकाल में ही पूरा हो चुका था, जबकि वर्तमान मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इसे अपनी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया है। इस प्रकार के आरोपों से राज्य में जल विकास को लेकर राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता फिर से उभरी है।
पिछले महीने मुख्यमंत्री ने वेलिगोंडा परियोजना के विस्थापित लोगों को 300 करोड़ रुपये वितरित किए और जल आपूर्ति के प्रथम चरण को 31 जुलाई तक पूरा करने का वादा किया था। इस कदम को कई लोग सामाजिक कल्याण के रूप में सराहते हैं, परन्तु विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कहा। टिडीपी ने येसआरसीपी के प्रदर्शन को 'नियुक्त आंदोलन' करार दिया, जिससे राजनीतिक माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
इसी बीच येसआरसीपी के नेता आरामदालवलासा के इनचार्ज की अंपोलू मामले में गिरफ्तारी को भी पार्टी ने निंदा की, जिससे पार्टी के भीतर और बाहरी समर्थन में विभाजन स्पष्ट हो रहा है। इन घटनाओं ने वेलिगोंडा परियोजना के श्रेय को लेकर विवाद को राष्ट्रीय स्तर पर भी उठाया है, जहाँ विभिन्न राजनीतिक ताकतें अपने-अपने हितों को सामने रख रही हैं। इस परिदृश्य में यह स्पष्ट है कि जल परियोजनाओं का विकास केवल तकनीकी पहलू नहीं, बल्कि राजनीतिक रणनीति का भी हिस्सा बन चुका है।