मणिपुर: न्यायसंगत सीमांकन अभियान ने अगस्त २० से सरकारी कार्यालयों का बहिष्कार घोषित किया
न्यायसंगत सीमांकन अभियान ने मणिपुर में अगस्त बीस से राज्य तथा केंद्र के सभी सरकारी कार्यालयों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। यह कदम राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण को जनगणना से पहले अद्यतन करने की मांग के साथ जुड़ा हुआ है, जिससे नागरिकों के मूलभूत अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। दो दिन की सामान्य हड़ताल के बाद इस घोषणा को सार्वजनिक किया गया, जिसमें विभिन्न वर्गों के लोगों ने पंजीकरण के अधिकारों को लेकर अपनी असंतुष्टि व्यक्त की।
पिछले कुछ हफ्तों में मणिपुर में उपद्रवियों पर बड़े प्रहार की तैयारी और सुरक्षा बलों को खुली छूट मिलने की खबरें सामने आई थीं, जिससे इस आंदोलन की पृष्ठभूमि और जटिल हो गई है। इसी दौरान आसाम में सरकारी नौकरी के विज्ञापन और राष्ट्रीय स्तर पर पुलिस में नस्लीय भेदभाव के मुद्दे भी चर्चा में रहे, जो सामाजिक असंतोष को और बढ़ा रहे हैं। इन सभी घटनाओं ने नागरिकों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होने के लिए प्रेरित किया है।
राज्य सरकार ने इस बहिष्कार को लेकर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि प्रशासनिक कार्यों में बाधा नहीं आनी चाहिए। हालांकि, न्यायसंगत सीमांकन अभियान ने संवाद की मांग की है और कहा है कि राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण के अद्यतन के बिना जनगणना का कोई अर्थ नहीं है। इस स्थिति में दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर समाधान निकालना आवश्यक है, ताकि सामाजिक शांति और प्रशासनिक कार्यवाही दोनों बनी रहे।