सरकार ने प्याज़ की कीमतों पर प्रमुख बयान दिया
वित्त मंत्रालय ने कहा कि प्याज़ की उपलब्धता इस वर्ष के प्रमुख त्योहारी और विवाह सीजन में भी पर्याप्त रहेगी, क्योंकि उत्पादन में स्थिरता बनी हुई है और बफ़र स्टॉक का उपयोग लक्षित रूप से किया जा रहा है। 2025‑26 में अनुमानित उत्पादन 307.37 लाख मीट्रिक टन रहा, जो पिछले वर्ष के 307.67 लाख मीट्रिक टन के बराबर है। इस उत्पादन को समर्थन देने हेतु सरकार ने राष्ट्रीय उपभोक्ता वस्तु वितरण निगम और राष्ट्रीय कृषि उपज विकास निगम के माध्यम से बफ़र स्टॉक की रिहाई शुरू की है।
बफ़र स्टॉक की रिहाई के लिये रेल और सड़क दोनों मार्गों का उपयोग किया जा रहा है। पहले कांडा एक्सप्रेस ने नासिक से नई दिल्ली तक प्याज़ का पहला कार्गो भेजा, और अब यह मॉडल कई प्रमुख शहरों जैसे चेन्नई, कोलकाता, गुवाहाटी, वाराणसी, लखनऊ, पटना, चंडीगढ़, जम्मू और अमृतसर तक विस्तारित हो चुका है। इस वर्ष के लिए सरकार ने 2 लाख मीट्रिक टन रबी प्याज़ का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें अब तक लगभग 1.21 लाख मीट्रिक टन खरीदे जा चुके हैं।
साथ ही, सरकार ने उपभोक्ताओं को किफायती कीमत पर प्याज़ उपलब्ध कराने के लिये मोबाइल वैन्स और राष्ट्रीय उपभोक्ता वस्तु वितरण निगम तथा राष्ट्रीय कृषि उपज विकास निगम के रिटेल आउटलेट्स के माध्यम से 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक्री शुरू की है। यह पहल नौ एनसीसीएफ आउटलेट्स, 40 मोबाइल वैन्स, तेरह एनएएफेड आउटलेट्स, 50 मोबाइल वैन्स और लगभग सौ केंद्रीय भंडार आउटलेट्स को कवर करती है। इन उपायों के साथ, टमाटर, आलू और चना दाल जैसी अन्य आवश्यक सब्जियों की कीमतें भी स्थिर बनी हुई हैं।