दक्षिण दिल्ली B&B अग्निकांड में मृतकों की संख्या 22 पहुंची, इलाज के दौरान नाइजीरियाई नागरिक की मौत
नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी क्षेत्र में फ्लोरिश स्टेज़ (Flourish Stays) बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) में हुए भीषण अग्निकांड में मृतकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। पुलिस के अनुसार, आग में झुलसे एक नाइजीरियाई नागरिक ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
अधिकारियों ने बताया कि मृतक पिछले कुछ दिनों से होटल में ठहरा हुआ था। आग लगने के बाद उसे पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया और बाद में सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया, जहां शनिवार को उसकी मौत हो गई। इस घटना के साथ अग्निकांड में जान गंवाने वाले विदेशी नागरिकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
होटल प्रबंधन के अन्य कर्मचारियों की तलाश तेज
दिल्ली पुलिस ने होटल के मालिक और रसोइये की गिरफ्तारी के बाद अब होटल के अकाउंटेंट जय मिश्रा और मैनेजर राकेश की तलाश तेज कर दी है। पुलिस के मुताबिक, आग लगने के समय होटल में तीन कर्मचारी मौजूद थे—रसोइया केशव नेगी, मैनेजर राकेश और एक अन्य सहायक कर्मचारी।
जांच अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रसोई में रखे एयर फ्रायर से चिंगारी निकलने के बाद तेज गर्मी और विस्फोट जैसी स्थिति बनी, जिससे आग फैल गई। आरोप है कि रसोइया केशव नेगी ने आग की शुरुआत देखने के बावजूद अन्य लोगों को सतर्क करने के बजाय होटल छोड़ दिया।
घटनाक्रम को दोबारा समझने की कोशिश
रविवार को पुलिस केशव नेगी को घटनास्थल पर लेकर पहुंची, जहां उससे आग लगने के कारणों और घटना के दौरान उसकी गतिविधियों के बारे में पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर उसकी गिरफ्तारी की गई है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने जताई चिंता
इस बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta से इस मामले पर बातचीत की। केशव नेगी के परिजनों ने दावा किया है कि वह निर्दोष है और उसे गलत तरीके से फंसाया गया है।
धामी ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है और किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने केशव नेगी के परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा भी दिलाया।
जांच जारी
पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञ आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि होटल में सुरक्षा मानकों के पालन, आपातकालीन व्यवस्था और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस अग्निकांड को हाल के वर्षों में दिल्ली की सबसे भीषण होटल दुर्घटनाओं में से एक माना जा रहा है।