भारत ने अमेरिका को पीछे छोड़कर वैश्विक सौर बाजार में दूसरा स्थान हासिल किया | Kashyap Sandesh
गोवा

भारत ने अमेरिका को पीछे छोड़कर वैश्विक सौर बाजार में दूसरा स्थान हासिल किया

R. C. Nishad · 2 अगस्त 2026

नई दिल्ली: भारत की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता 2014 में 3 जीडब्ल्यू से बढ़कर 30 जून 2026 तक 162.15 जीडब्ल्यू तक पहुंच गई, जो नवीकरणीय ऊर्जा में एक नए युग की शुरुआत को दर्शाती है। यह जानकारी सरकार द्वारा रविवार को जारी एक तथ्य पत्रक में दी गई है। देश ने 37 जीडब्ल्यू की वृद्धि की है, जो वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

भारत ने अमेरिका को पीछे छोड़कर वैश्विक सौर बाजार में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि देश की नवीकरणीय ऊर्जा नीतियों और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयासों को दर्शाती है। सरकार ने सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें सब्सिडी और अन्य प्रोत्साहन शामिल हैं।

भारत की सौर ऊर्जा क्षमता में यह वृद्धि देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में मदद करेगी। सौर ऊर्जा एक स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। सरकार ने 2030 तक 500 जीडब्ल्यू सौर ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है, जो देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

भारत की सौर ऊर्जा क्षमता में यह वृद्धि न केवल देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी, बल्कि यह जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी मदद करेगी। सौर ऊर्जा एक स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। सरकार को सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए और अधिक कदम उठाने चाहिए, ताकि देश अपने ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल कर सके।

स्रोत: Navhind Times Goa

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