३.६८ लाख रुपये की धनवापसी करे पेयजल विभाग
गोवा मानवाधिकार आयोग ने पेयजल विभाग को एक सेवानिवृत्त इलेक्ट्रीशियन की ग्रेच्युटी से वसूले गए ३.६८ लाख रुपये की धनवापसी करने की सिफारिश की है। आयोग ने कहा कि यह वसूली कानूनी सिद्धांतों के विरुद्ध है।
आयोग ने यह भी कहा कि वसूली के लिए कोई ठोस आधार नहीं था और यह सेवानिवृत्त कर्मचारी के साथ अन्यायपूर्ण था। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि वसूली की कार्रवाई को तत्काल रोका जाना चाहिए और वसूले गए धन की धनवापसी की जानी चाहिए।
यह मामला एक सेवानिवृत्त इलेक्ट्रीशियन का है, जिन्हें उनकी सेवानिवृत्ति के बाद उनकी ग्रेच्युटी से ३.६८ लाख रुपये वसूले गए थे। आयोग ने इस मामले में सुनवाई की और पाया कि वसूली के लिए कोई ठोस आधार नहीं था। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि वसूली की कार्रवाई को तत्काल रोका जाना चाहिए और वसूले गए धन की धनवापसी की जानी चाहिए।
आयोग के इस आदेश से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राहत मिल सकती है, जिन्हें उनकी सेवानिवृत्ति के बाद उनकी ग्रेच्युटी से वसूली की जाती है। आयोग के इस आदेश से यह सुनिश्चित होगा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार नहीं किया जाएगा।