अमेरिकी डाक सेवा का नया नियम: डाक‑आधारित मतदान पर कड़ी शर्तें
अमेरिकी डाक सेवा ने शुक्रवार को एक अंतिम नियम का मसौदा प्रकाशित किया, जिसमें कहा गया है कि सभी राज्य अपने मतदाता डेटा को संघीय सरकार को उपलब्ध कराएँगे, ताकि नवंबर के मध्यावधि कांग्रेसीय चुनावों में डाक द्वारा मतदान को सुगम बनाया जा सके। यह कदम दो संघीय न्यायालयों द्वारा जारी प्रतिबंधों के बावजूद उठाया गया, जो कैलिफ़ोर्निया और मैसाचुसेट्स में जारी किए गए आदेशों के कारण इस नियम को लागू होने से रोक रहे थे। इस नियम का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और संभावित धोखाधड़ी को रोकना बताया गया है।
पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया, जिसमें चुनाव के बाद आए मेल‑इन बैलेटों को गिनने के पक्ष में फैसला किया गया, जिससे डाक‑आधारित मतदान को कानूनी समर्थन मिला। इस निर्णय के बाद भी, डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा मार्च में जारी कार्यकारी आदेश के तहत प्रस्तावित बदलावों को दो न्यायालयीय प्रतिबंधों ने रोका है। अब डाक सेवा का नया नियम इन प्रतिबंधों को दरकिनार कर, राज्यों से विस्तृत मतदाता जानकारी, जैसे आयु, लिंग और पते की जानकारी, माँग रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह नियम आगामी मध्यावधि चुनावों में मतदाता भागीदारी को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि कई राज्य इस नई सूचना मांग को पूरा करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। साथ ही, मतदाता गोपनीयता और डेटा सुरक्षा के मुद्दे भी उठे हैं, क्योंकि संघीय सरकार को व्यक्तिगत जानकारी का बड़ा भंडार मिलेगा। यदि यह नियम लागू हो जाता है, तो यह चुनावी प्रक्रिया में नई चुनौतियों और संभावित कानूनी लड़ाइयों को जन्म दे सकता है, जैसा कि पिछले वर्षों में मतदान अधिकारों के संबंध में देखी गई बहसों से स्पष्ट है।