अपनी ही धरती पर अजनबी: ट्रम्प के अमेरिका से निर्वासित मेक्सिकियों को “लिटिल एलए” में मिली नई आश्रय | Kashyap Sandesh
अंतर्राष्ट्रीय

अपनी ही धरती पर अजनबी: ट्रम्प के अमेरिका से निर्वासित मेक्सिकियों को “लिटिल एलए” में मिली नई आश्रय

R c Nishad(साहनी) · 21 अगस्त 2026

टाबाकालेरा, मेक्सिको सिटी के मध्य में स्थित, अपने विस्तृत एवेन्यू, ऊँचे पाम के पेड़ और पुराने कैफ़े‑कैफ़े के कारण अक्सर संयुक्त राज्य के किसी छोटे शहर की याद दिलाता है। इस कारण इसे “लिटिल एलए” कहा जाता है, लेकिन यह नाम केवल दिखावे तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में यहाँ कई मेक्सिकन आए हैं जो दशकों तक अमेरिका में रहे, लेकिन ट्रम्प प्रशासन की कड़ी प्रवासन नीति के कारण निर्वासित होकर लौट आए। इस नई जनसंख्या ने यहाँ के सामाजिक ताने‑बाने को बदल दिया, जहाँ अब अंग्रेज़ी‑स्पेनिश मिश्रित बोली गूँजती है।

इन निर्वासितों को यहाँ रोजगार के कई अवसर मिले हैं, विशेषकर छोटे व्यापार, रेस्तरां और निर्माण कार्य में। स्थानीय व्यवसायियों ने उन्हें खुले हाथों से स्वागत किया, जिससे आर्थिक स्थिरता और सामाजिक एकजुटता दोनों को बल मिला। साथ ही, पिछले महीने मेक्सिको की विश्व कप जीत ने राष्ट्रीय आत्मविश्वास को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया, जिससे इस समुदाय में गर्व की भावना और भी प्रबल हुई। इस जीत ने यह भी दिखाया कि विदेश में कठिनाइयों का सामना करने वाले मेक्सिकन, अपने देश में फिर से सम्मानित महसूस कर सकते हैं।

हालाँकि, इस प्रवासन प्रवाह को समझने के लिए हमें विदेश में बढ़ती नस्लीय और राष्ट्रीयता‑आधारित नीतियों को भी देखना होगा, जैसा कि ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस के अधिकारी ने कहा था कि “द्वि‑स्तरीय पुलिसिंग” की धारणाएँ कैसे उत्पन्न होती हैं। इसी तरह, कर्नाटक में वक़्फ़ भूमि विवाद ने दिखाया कि घरेलू स्तर पर भी सामाजिक असमानताएँ मौजूद हैं। इन सभी पृष्ठभूमियों को मिलाकर, “लिटिल एलए” केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं, बल्कि एक नई पहचान और आशा का प्रतीक बन गया है, जहाँ निर्वासित मेक्सिकन फिर से अपने मूल घर में अपना स्थान पा रहे हैं।

स्रोत: The Guardian World

© 2026 Kashyap Sandesh. सर्वाधिकार सुरक्षित।

होम · हमारे बारे में · संपर्क · गोपनीयता नीति

Operated by Billionbyte Technologies