असम में उपग्रह निर्माण के लिये साझेदार चयन के अंतिम चरण, मुख्यमंत्री ने कहा
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आज कहा कि असमसैट उपग्रह परियोजना राज्य के विकास में एक नया मोड़ साबित होगी। यह उपग्रह न केवल दूरसंचार और मौसम विज्ञान में मदद करेगा, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सटीक डेटा प्रदान करेगा। इस प्रकार, असम अब उपग्रह डेटा के केवल उपभोक्ता से एक सक्रिय निर्माता बन जाएगा।
वर्तमान में सरकार विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के साथ मिलकर उपयुक्त साझेदार की पहचान करने के अंतिम चरण में है। इस प्रक्रिया में तकनीकी क्षमता, सुरक्षा मानक और लागत‑प्रभावशीलता को प्रमुख मानदंड माना जा रहा है। उत्तराखंड में हुई लॉजिस्टिक कंपनी की आग जैसी घटनाओं ने सुरक्षा मानकों की कड़ाई को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है, जिससे चयन प्रक्रिया में सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
अमेरिका‑भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते के अंतिम चरण में प्रवेश करने के साथ, असम की इस पहल को अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के नए अवसर भी मिलेंगे। इस समझौते से तकनीकी हस्तांतरण और निवेश में वृद्धि की संभावना है, जिससे असमसैट जैसी परियोजनाओं को आवश्यक वित्तीय और तकनीकी समर्थन मिल सकेगा। इस प्रकार, असम का यह कदम न केवल राज्य के प्रशासनिक कार्यों को सुदृढ़ करेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा।