अंध्र प्रदेश के समुद्र में लापता मछुआरों की खोज हेतु विस्तारित ऑपरेशन की मांग
पूर्वी तट के मछुआरों की संघ के अध्यक्ष वासुपल्ली जनकीराम ने कहा कि वर्तमान में अंध्र प्रदेश के समुद्र में लापता मछुआरों की खोज के लिए केवल संक्षिप्त बचाव प्रोटोकॉल पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने भारतीय तट सुरक्षा बल और भारतीय नौसेना से आग्रह किया कि वे विस्तारित, व्यापक क्षेत्र में खोज कार्य जारी रखें, ताकि सभी लापता मछुआरों को सुरक्षित रूप से वापस लाया जा सके।
पिछले कुछ हफ्तों में समुद्री सुरक्षा के कई उदाहरण सामने आए हैं। मंगालुरु तट के पास रात के समय एक कठिन बचाव अभियान में भारतीय तट सुरक्षा बल ने छह मछुआरों को सफलतापूर्वक बचाया था। उसी समय गाज़ा में मछुआरों ने ध्वस्त इमारतों से प्राप्त लकड़ी और फाइबरग्लास से बनी डिंगी का उपयोग करके अपने जीवन को बनाए रखा, जिससे समुद्री कठिनाइयों में आत्मनिर्भरता की झलक मिली। ये घटनाएँ समुद्री खोज और बचाव के महत्व को रेखांकित करती हैं।
अब अंध्र प्रदेश के तट पर लापता मछुआरों की स्थिति को लेकर स्थानीय समुदाय में गहरी चिंता व्याप्त है। संघ के अध्यक्ष ने कहा कि यदि विस्तारित खोज नहीं की गई तो कई परिवारों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि समुद्री सुरक्षा के लिए तट सुरक्षा बल और नौसेना को मिलकर एक समन्वित योजना बनानी चाहिए, जिसमें आधुनिक खोज उपकरण और सतत निगरानी शामिल हो। ऐसी पहल से न केवल लापता मछुआरों को बचाया जा सकेगा, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की संभावना भी कम होगी।