बचत और स्वास्थ्य के लिए फलियों की बढ़ती लोकप्रियता: ब्रिटेन के खरीदारों की नई प्रवृत्ति | Kashyap Sandesh
अंतर्राष्ट्रीय

बचत और स्वास्थ्य के लिए फलियों की बढ़ती लोकप्रियता: ब्रिटेन के खरीदारों की नई प्रवृत्ति

R c Nishad(साहनी) · 28 अगस्त 2026

ब्रिटेन के किराना बाजार में फलियों और दालों की मांग में उल्लेखनीय उछाल देखा गया है। महंगाई के कारण कई परिवार अपने भोजन बजट को नियंत्रित करने के लिए सस्ते प्रोटीन स्रोतों की ओर रुख कर रहे हैं। विशेषकर सूखी मसूर, चना और सोया आधारित उत्पादों की बिक्री में इस वर्ष की पहली छमाही में सात दशमलव तीन प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो पिछले वर्ष के समान अवधि की तुलना में काफी अधिक है।

यह बदलाव केवल आर्थिक कारणों से नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता से भी प्रेरित है। उपभोक्ता अब पौष्टिक आहार को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे वे मांस और नकली मांस दोनों की खपत में कमी कर रहे हैं। टोफू, टेम्पेह और सोया मिल्क जैसे विकल्पों को अपनाकर लोग प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा प्राप्त कर रहे हैं, साथ ही कोलेस्ट्रॉल और संतृप्त वसा की मात्रा भी घटा रहे हैं।

पिछले कुछ महीनों में भारत में युवा वर्ग के बीच तनाव और आर्थिक दबाव से जुड़ी घटनाएँ भी सामने आई हैं, जैसे बिहार के एक छात्र की आत्महत्या और जम्मू-कश्मीर में नशा-मुक्त युवा पहल। इन घटनाओं ने स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण के महत्व को उजागर किया है, जिससे ब्रिटेन में भी युवा उपभोक्ताओं ने सस्ते और स्वस्थ विकल्पों की ओर रुख किया है। इस प्रकार फलियों की बढ़ती लोकप्रियता न केवल खर्च में बचत बल्कि समग्र स्वास्थ्य सुधार का भी संकेत देती है।

स्रोत: The Guardian World

© 2026 Kashyap Sandesh. सर्वाधिकार सुरक्षित।

होम · हमारे बारे में · संपर्क · गोपनीयता नीति

Operated by Billionbyte Technologies