बर्नहैम द्वारा मेयरों को स्थानीय योजना निर्णयों पर नई शक्ति प्रदान करने की योजना
बर्नहैम ने मेयरों को स्थानीय योजना निर्णयों पर नई शक्ति देने की घोषणा की है, जिससे वे बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं को स्वीकृति या अस्वीकृति दे सकेंगे। यह प्रस्ताव अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा और इसमें मेयरों को ‘कॉल‑इन’ अधिकार प्रदान किया गया है, जिससे वे नगर परिषदों को सीधे निर्देश दे सकेंगे। इस कदम से स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज़ होगी और विकास के लिए आवश्यक निधियों का वितरण अधिक प्रभावी होगा।
पिछले महीनों में बर्नहैम ने विकेंद्रीकरण के कई पहल किए थे, जिसमें सामाजिक देखभाल, बाल देखभाल और कौशल प्रशिक्षण जैसी सार्वजनिक सेवाओं को मेयरों के अधीन लाने की बात की गई थी। इस नई योजना के साथ, मेयरों को राष्ट्रीय आवास निधियों के वितरण में भी अधिक भागीदारी मिलेगी, जिससे स्थानीय आवास समस्याओं का समाधान तेज़ी से हो सकेगा। बर्नहैम के इस कदम को कई विशेषज्ञों ने स्थानीय शासन को सशक्त बनाने के रूप में सराहा है, जबकि कुछ विरोधी इसे शक्ति के अत्यधिक केंद्रीकरण के रूप में देखते हैं।
बर्नहैम और स्टारमर के बीच हालिया ‘ठंडी’ बैठक में इस योजना पर चर्चा हुई, जहाँ बर्नहैम को प्रधानमंत्री बनने से पहले ही इस परिवर्तन को लागू करने की इच्छा व्यक्त की गई। इस संदर्भ में, बर्नहैम ने ग्रेटर मैनचेस्टर के सीईओ को नियुक्त किया है, जो इस विकेंद्रीकरण प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू हो गई, तो यह स्थानीय विकास को नई दिशा देगी और राष्ट्रीय स्तर पर भी योजना‑निर्धारण में सुधार लाएगी।