चार साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कोल्ड‑ड्रग्स में क्लोरफ़ेनिरामीन और फेनाइलएफ्रीन निषेध: क्या जानना आवश्यक है
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में चार साल से कम उम्र के बच्चों के लिए क्लोरफ़ेनिरामीन मालिएट और फेनाइलएफ्रीन हाइड्रोक्लोराइड युक्त ठोस‑डोज़ कफ़‑सर्दी दवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन दो सक्रिय घटकों को मिलाकर तैयार की गई दवाओं को अब केवल चार वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को ही दिया जा सकता है, और सभी पैकेजों पर स्पष्ट चेतावनी लगानी अनिवार्य कर दी गई है। यह नियम अभिभावकों को अनावश्यक दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से बनाया गया है, क्योंकि छोटे बच्चों की श्वसन प्रणाली इन रसायनों के प्रति अधिक संवेदनशील होती है।
यह नया नियमन पिछले कुछ हफ्तों में हुए कई दवा‑संबंधी घटनाओं की पृष्ठभूमि में आया है। त्रिपुरा में असाम राइफल्स और राजस्व गुप्तचर एजेंसी ने कोडीन‑आधारित कफ़ सिरप की 55,000 से अधिक बोतलों को जब्त किया था, जिससे दवा की अवैध आपूर्ति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है। इसी प्रकार हैदराबाद में समाप्त दवाओं की बिक्री में लिप्त दो व्यक्तियों को गिरफ़्तार किया गया, जिससे दवा की गुणवत्ता और समय सीमा की निगरानी की आवश्यकता स्पष्ट हुई। इन घटनाओं ने स्वास्थ्य मंत्रालय को दवा सुरक्षा के नियमों को सख्त करने के लिए प्रेरित किया।
अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि दवा खरीदते समय लेबल को ध्यान से पढ़ें और यदि कोई चेतावनी लिखी हो तो उसे अनदेखा न करें। डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी कफ़‑सर्दी दवा को न दें, विशेषकर जब वह ठोस‑डोज़ रूप में हो। साथ ही, दवा की समाप्ति तिथि और भंडारण की शर्तों की जाँच करना भी आवश्यक है, ताकि अनजाने में बच्चे को हानिकारक पदार्थ न मिले। इस प्रकार के कदमों से राष्ट्रीय स्तर पर दवा सुरक्षा को मजबूत किया जा सकेगा और बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा होगी।