छोटे लाल की शांत कला को मिला ड्रोनाचार्य पुरस्कार
छोटे लाल ने अपने कोचिंग करियर में कई बार सिद्ध किया है कि व्यक्तिगत समझ और अनुकूलन ही सफलता की कुंजी है। मारि कॉम के साथ उनका काम एक स्थापित चैंपियन के करियर को लंबा करने का था, जहाँ उन्होंने तकनीकी सुधार और मानसिक समर्थन पर विशेष ध्यान दिया। इसी प्रकार, जेस्मिन को कठिन समय से बाहर निकालने के लिए उन्होंने बुनियादी कौशल को पुनः स्थापित किया और आत्मविश्वास को पुनः जगाया।
इन उपलब्धियों के बाद, छोटे लाल को ड्रोनाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जो कोचिंग के क्षेत्र में उत्कृष्टता का प्रतीक है। इस सम्मान ने न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों को मान्यता दी, बल्कि भारतीय खेल कोचिंग में नई दिशा की भी संकेत दिया। इस अवसर पर, भारतीय वुशु टीम ने अपने राष्ट्रीय प्रमुख कोच कुलदीप हैंडू के साथ राज्य के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला से मुलाकात की, जिससे आगामी एससीओ चैंपियनशिप की तैयारी में सहयोग की उम्मीद जताई गई।
वुशु टीम की इस मुलाकात के साथ ही, देश में अन्य क्षेत्रों में भी नवाचार को सराहा जा रहा है; जैसे काजू अनुसंधान निदेशालय को बीसीआईसी द्वारा नवाचार एवं प्रौद्योगिकी उन्नति पुरस्कार मिला, और येट्टु नामक त्वरित भारतीय कॉफ़ी ने अपने अनूठे स्वाद से बाजार में धूम मचा दी है। इन सभी घटनाओं से स्पष्ट है कि खेल, कृषि और खाद्य उद्योग में भारतीय प्रतिभा और नवाचार का उभार लगातार बढ़ रहा है, और छोटे लाल जैसे कोच इस प्रगति के प्रमुख प्रेरक बनकर उभरे हैं।