एनईईटी‑यूजी विरोध मामले में याचिकाकर्ताओं ने उच्च शक्ति जांच समिति के पुनर्गठन की मांग की | Kashyap Sandesh
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एनईईटी‑यूजी विरोध मामले में याचिकाकर्ताओं ने उच्च शक्ति जांच समिति के पुनर्गठन की मांग की

R c Nishad(साहनी) · 25 अगस्त 2026

एनईईटी‑यूजी पेपर लीक के बाद देश भर में युवा कांग्रेस ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए। भुवनेश्वर में २७ जून को हुई धरना और केरल में २८ जून को जारी किए गए नारे, दोनों ही मामलों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग के साथ थे। इन घटनाओं ने यह स्पष्ट किया कि सार्वजनिक भरोसा परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर रूप से क्षीण हो गया है, जिससे जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्न उठे।

इन विरोधों के बीच, याचिकाकर्ताओं ने उच्च शक्ति जांच समिति (एचपीईसी) के पुनर्गठन की मांग की है। उनका मानना है कि समिति के पास संघीय कार्यपालिका, गृह मंत्रालय, दिल्ली पुलिस और त्वरित कार्रवाई बल के उच्च पदस्थ अधिकारियों की भूमिका की जाँच करने के लिये पर्याप्त साधन नहीं हैं। वे यह भी स्पष्ट करते हैं कि वे एचपीईसी के सदस्यों की व्यक्तिगत ईमानदारी पर सवाल नहीं उठा रहे, बल्कि संस्थागत क्षमता पर प्रकाश डाल रहे हैं।

इस मांग को समझने के लिये राष्ट्रीय खेल शासी अधिनियम के तहत एआईएफएफ द्वारा संविधान में संशोधन की प्रक्रिया को देखना उपयोगी है, जहाँ संरचनात्मक सुधारों को तेज़ी से लागू किया गया। इसी प्रकार, एनईईटी‑यूजी मामले में भी संस्थागत सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया गया है। यदि एचपीईसी को पुनर्गठित किया गया, तो यह जांच की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को पुनर्स्थापित करने में सहायक हो सकता है, जिससे भविष्य में ऐसी लीक घटनाओं को रोकने के लिये सख्त कदम उठाए जा सकेंगे।

स्रोत: The Hindu

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