एनटीए सुधारों की जाँच करने वाली उच्चस्तरीय कार्यबल ने हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेश पर नंदन निलेकणी के नेतृत्व में गठित उच्चस्तरीय कार्यबल ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी एजेंसी (एनटीए) के सुधारों पर व्यापक परामर्श शुरू किया है। इस परामर्श का उद्देश्य विभिन्न हितधारकों—शिक्षा संस्थान, उद्योग प्रतिनिधि, शोधकर्ता और आम नागरिक—से व्यावहारिक सुझाव एकत्रित कर नीति निर्माण में समावेशी दृष्टिकोण अपनाना है। सुझावों को 13 सितंबर तक अंग्रेज़ी, हिंदी या किसी भी क्षेत्रीय भाषा में फ़ोन, डाक, व्हाट्सएप या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से प्रस्तुत किया जा सकता है।
यह कदम हाल ही में हैदराबाद में कार्यबल द्वारा किए गए कई सफल अभियानों के बाद आया है, जहाँ उसी कार्यबल ने बासी समुद्री भोजन की तस्करी, समाप्त दवाओं की बिक्री और सेकुंडरबाद में पत्थर फेंकने की घटनाओं को रोकने के लिए सौर‑संचालित सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने जैसी कार्रवाई की थी। इन अभियानों ने सार्वजनिक सुरक्षा और नियामक पारदर्शिता को बढ़ावा देने में कार्यबल की क्षमता को सिद्ध किया है, जिससे अब एनटीए सुधारों में भी समान दृढ़ता की अपेक्षा की जा रही है।
कार्यबल ने कहा है कि प्राप्त सुझावों का विस्तृत विश्लेषण कर उन्हें नीति दस्तावेज़ में सम्मिलित किया जाएगा, जिससे एनटीए की कार्यप्रणाली में दक्षता, जवाबदेही और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। इस प्रक्रिया में डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करके व्यापक जन भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे नीति निर्माण में जनता की आवाज़ को सशक्त बनाया जा सके। अंततः, यह पहल भारत के शैक्षणिक और तकनीकी ढांचे को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।