एरोड के बर्गुर पहाड़ियों में चंदन के पेड़ को काटने के लिए दो गिरफ्तार
एरोड जिले के बर्गुर पहाड़ी क्षेत्र में दो अज्ञात व्यक्तियों को चंदन के पेड़ को काटने और उसे तस्करी करने की कोशिश में गिरफ्तार किया गया। स्थानीय पुलिस के अनुसार, ये दो लोग पहले पुडुपलायम में स्थित गुरुनाथस्वामी मंदिर की यात्रा के बहाने आए थे और दो दिन तक बर्गुर वन में रहे, जहाँ उन्होंने चंदन के पेड़ को गिराने की योजना बनाई। जब उन्होंने पेड़ को काटने की तैयारी शुरू की, तो वन विभाग के रक्षक ने उन्हें रोक दिया और तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
यह घटना भारत में वन कटाव की बढ़ती समस्या को उजागर करती है, जहाँ पिछले तीन वर्षों में जुलाई 2023 से मई 2026 तक 2.8 मिलियन पेड़ों को गिराने की मंजूरी दी गई थी। ऐसी अनधिकृत कटाई न केवल पर्यावरणीय संतुलन को बिगाड़ती है, बल्कि आर्थिक नुकसान और जैव विविधता के क्षरण का कारण भी बनती है। चंदन जैसे मूल्यवान वृक्षों की तस्करी को रोकने के लिए सरकार ने कड़े नियम लागू किए हैं, परन्तु इस प्रकार की घटनाएँ दर्शाती हैं कि निगरानी और प्रवर्तन में अभी भी खामियां मौजूद हैं।
बर्गुर में इस गिरफ़्तारी के साथ ही हाल ही में पनाजी में मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास के पास तेज़ हवाओं से गिरा एक बड़ा पेड़ और दो वाहनों को नुकसान पहुँचाने की घटना भी सामने आई है, जिससे वन सुरक्षा की आवश्यकता पर फिर से प्रकाश पड़ा है। चंदन का लकड़ी भारतीय औषधि, सुगंध और धार्मिक अनुष्ठानों में अत्यधिक महत्व रखती है, इसलिए इसकी अवैध कटाई को रोकना राष्ट्रीय हित का प्रश्न बन गया है। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग के साथ मिलकर सतर्कता बढ़ाई जाएगी और कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी।