एरोड कॉरपोरेशन ने रंग‑कोडित डिब्बों में कचरे के स्रोत विभाजन को अनिवार्य किया
एरोड नगर निगम ने कचरा प्रबंधन में नई दिशा तय की है। रंग‑कोडित डिब्बों के माध्यम से कचरे को स्रोत पर ही अलग‑अलग वर्गीकृत किया जाएगा, जिससे संग्रहण और पुनर्चक्रण प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकेगी। गीले कचरे को हरे डिब्बे में, सूखे कचरे को नीले में, स्वच्छता कचरे को लाल में और विशेष देखभाल वाले कचरे को काले डिब्बे में रखा जाएगा। यह व्यवस्था नगर के विभिन्न क्षेत्रों में समान रूप से लागू की जाएगी।
डिब्बों का दैनिक संग्रह सुनिश्चित किया जाएगा, जबकि विशेष देखभाल वाले कचरे का संग्रह केवल बुधवार को होगा। इस नीति का उद्देश्य कचरे के अनुचित निपटान को रोकना और पुनः उपयोग योग्य सामग्री को पुनर्चक्रण के लिए उपलब्ध कराना है। पिछले महीने ओडिशा में आधार लिंकिंग से लाभार्थियों के बाहर रहने की समस्या पर उठाए गए प्रश्नों को ध्यान में रखते हुए, एरोड ने इस योजना में सभी वर्गों के नागरिकों को समान रूप से भागीदारी का अवसर दिया है।
इस कदम को अन्य शहरों की नीतियों से तुलना किया जा रहा है, जैसे दिल्ली के डीडीए आवासीय कॉलोनी में सामाजिक विभाजन के मुद्दे और कर्नाटक के टुमाakuru टैक्सी विस्फोट की जांच में सुरक्षा उपायों की आवश्यकता। एरोड की यह पहल न केवल पर्यावरणीय लाभ देती है, बल्कि सामाजिक समावेशिता और नागरिक जागरूकता को भी बढ़ावा देती है। भविष्य में इस मॉडल को अन्य नगरपालिकाओं में अपनाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।