हल्द्वानी अनुष्ठान में भारतीय जनता पार्टी की ‘जातिवादी प्रवृत्ति’ उजागर, कांग्रेस का बचाव
उत्ताखण्ड के हल्द्वानी में हाल ही में आयोजित एक धार्मिक अनुष्ठान को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रमुख महेंद्र भट्ट ने तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में लगाए गए नारे और प्रदर्शन स्थल को ‘प्रदूषित’ कर रहे थे, जिससे धार्मिक भावना को ठेस पहुँच रही है। भट्ट ने यह भी कहा कि विपक्षी दल इस अनुष्ठान को लेकर अपनी आलोचना को बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर रहा है, जबकि उनका उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ उठाना है।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से राजनीतिक चाल है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की जातिवादी प्रवृत्ति इस अनुष्ठान में स्पष्ट रूप से दिख रही है, जहाँ कुछ विशेष समूहों को ही सम्मानित किया गया। कांग्रेस के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि सामाजिक समरसता और सभी वर्गों के समान अधिकारों को सुनिश्चित करना ही असली मुद्दा है, न कि धार्मिक अनुष्ठानों को राजनीति के साधन बनाना।
इस विवाद को समझने के लिये पिछले कुछ हफ्तों में पुरी के जगन्नाथ मंदिर में हुए स्नान यात्रा और स्नान पूर्णिमा के दौरान सार्वजनिक दर्शन पर लगाए गए प्रतिबंधों को याद किया जा सकता है। जहाँ मंदिर में देवताओं को स्नान के बाद अन्नासर अनुष्ठान में अलग रखा गया, वहीं रक्षा अधिग्रहण परिषद की पहली बैठक में नई रक्षा नीतियों पर चर्चा हुई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि राष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक और सुरक्षा दोनों मुद्दे गहन चर्चा का विषय बन रहे हैं। इन सभी घटनाओं ने यह दर्शाया है कि धार्मिक अनुष्ठानों को राजनीतिक और रणनीतिक मंचों से अलग नहीं किया जा सकता, और इनका प्रभाव व्यापक सामाजिक-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए।