इंडोनेशिया में धुएँ की लहर: एल नीनो के कारण बढ़ते जंगल‑आग और स्वास्थ्य संकट
इंडोनेशिया के कालिमंतन में इस साल के शुरुआती महीनों से ही जंगल‑आग ने अभूतपूर्व स्तर पर धुएँ का धुंधला कंबल बिखेर दिया है। बोरनिया के एक किसान, सुवाड़ी, ने कहा कि वह अपने घर के बाहर पाँच मीटर आगे भी कुछ नहीं देख पाते, और हर सांस को वह “सिगरेट पीने जैसा” महसूस करते हैं। यह धुआँ न केवल इंडोनेशिया के भीतर बल्कि मलेशिया और सिंगापुर तक पहुँच चुका है, जिससे दोनों देशों ने स्वास्थ्य चेतावनी जारी की है।
वर्तमान जलवायु परिवर्तन के परिप्रेक्ष्य में, इस धुएँ की समस्या का एक प्रमुख कारण एल नीनो की तीव्र लहर है, जिसने इस वर्ष के मौसमी तापमान को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया। उच्च तापमान और कम वर्षा ने वन क्षेत्रों को अत्यधिक शुष्क बना दिया, जिससे छोटे‑छोटे ज्वालामुखी भी आसानी से प्रज्वलित हो गए। इस स्थिति में, स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन उपायों की घोषणा की है, परन्तु जलवायु विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक समाधान के बिना यह समस्या बार‑बार दोहराई जा सकती है।
पिछले कुछ हफ्तों में, उपभोक्ता विवाद आयोग ने सिगरेट निर्माताओं को अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक बेचने पर दंडित किया, जिससे धुएँ के स्वास्थ्य प्रभावों पर सार्वजनिक चर्चा तेज़ हुई। साथ ही, इंडोनेशिया के एक शैक्षणिक समूह ने सूखा‑प्रबंधन और स्थायी कृषि पर शोध हेतु भारतीय हैदराबाद के एक संस्थान के साथ सहयोग किया, जिससे इस क्षेत्र में पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ाने की आशा है। इन सभी घटनाओं के बीच, सरकार को धुएँ के कारण उत्पन्न आर्थिक नुकसान, स्वास्थ्य संकट और अंतर्राष्ट्रीय दबाव को संतुलित करने के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।