इंग्लैंड में एडीएचडी और ऑटिज़्म सेवाओं की लागत नियंत्रण से बाहर, एनएचएस नेताओं ने चेतावनी दी
एनएचएस एलायंस ने बताया कि कोरोना महामारी के बाद से एडीएचडी और ऑटिज़्म रोगियों की संख्या में तीव्र वृद्धि हुई है, जिससे इन सेवाओं की मांग में अभूतपूर्व उछाल आया है। कई क्षेत्रों में एक साल के भीतर खर्च दस गुना तक बढ़ गया, जिससे बजट नियंत्रण असंभव हो गया और प्रतीक्षा सूची को बंद करना पड़ा। इस स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य प्रबंधकों को अन्य गैर-आवश्यक सेवाओं में कटौती करनी पड़ रही है, जिससे समग्र स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव बढ़ रहा है।
इसी समय, इंग्लैंड की खेल टीमों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमक दिखाते हुए जीत हासिल की, जैसे कि बेलींगहैम और केन की टीम ने पनामा को दो-शून्य से हराया और डॉ. कांगो के खिलाफ भी जीत का जश्न मनाया गया। ये सफलताएँ राष्ट्रीय गर्व को बढ़ाती हैं, परन्तु स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ती लागतें एक गंभीर चुनौती बन कर उभरी हैं। इस बीच, ड्रोन तकनीक से ट्यूबरकुलोसिस रोगियों के उपचार लागत में भारी कमी आई है, जिससे दिखता है कि तकनीकी नवाचार आर्थिक बोझ को कम कर सकते हैं।
एनएचएस नेताओं ने कहा कि एडीएचडी और ऑटिज़्म सेवाओं की लागत को नियंत्रित करने के लिए दीर्घकालिक योजना बनानी आवश्यक है। इसमें प्रारंभिक निदान को तेज़ करना, सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाना और डिजिटल स्वास्थ्य समाधान अपनाना शामिल हो सकता है। यदि इन उपायों को तुरंत लागू नहीं किया गया, तो स्वास्थ्य प्रणाली की स्थिरता खतरे में पड़ सकती है, जिससे भविष्य में रोगियों को और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।