ईरान के नए सुरक्षा प्रमुख ने कहा, अमेरिकी आर्थिक युद्ध में शामिल पड़ोसी ‘दुश्मन’ माने जाएंगे
ईरान के नए सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेज़ाई ने राज्य टेलीविजन पर कहा कि यदि किसी भी पड़ोसी देश ने संयुक्त राज्य अमेरिका के आर्थिक युद्ध में भागीदारी की, तो वह देश ‘दुश्मन’ के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा और उसके आर्थिक हितों को निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के विकल्प के रूप में तेल शिपिंग मार्गों को बाधित करने की संभावना जताई, जिससे वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।
यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहरी चिंता का कारण बना है। भारत‑पाकिस्तान संवाद की आवश्यकता पर ओमर अब्दुल्ला के पुनः दोहराए गए आह्वान और जम्मू‑कश्मीर में गैंडरबल में सुरक्षा बढ़ाने के कदमों के बीच, इस प्रकार के कठोर बयान क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकते हैं। दोनों देशों के बीच संवाद की पुकार, जैसा कि पिछले जुलाई में ओमर अब्दुल्ला ने की थी, इस समय अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
रोज़गार और आर्थिक विकास के लिए स्थिरता आवश्यक है, परंतु रेज़ाई ने अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों को ‘आर्थिक युद्ध’ कहा और कहा कि ईरान उन देशों के खिलाफ कदम उठाएगा जो इस युद्ध में शामिल हों। इस प्रकार के बयान न केवल मध्य पूर्व में बल्कि दक्षिण एशिया में भी सुरक्षा समीकरण को बदल सकते हैं, जहाँ पहले ही कश्मीर में सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए कई अभ्यास चल रहे हैं। इस संदर्भ में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सतर्क रहना चाहिए और संवाद के माध्यम से समाधान खोजने का प्रयास करना चाहिए।