जनगणना २०२७: केरल के विपक्षी नेता पिनरायी विजयन ने माता‑पिता के धर्म और जन्मस्थान की जानकारी माँगने वाली प्रश्नावली की निंदा की | Kashyap Sandesh
अंतर्राष्ट्रीय

जनगणना २०२७: केरल के विपक्षी नेता पिनरायी विजयन ने माता‑पिता के धर्म और जन्मस्थान की जानकारी माँगने वाली प्रश्नावली की निंदा की

R c Nishad(साहनी) · 19 अगस्त 2026

केरल में २०२७ की जनगणना के लिए तैयार की जा रही प्रश्नावली में माता‑पिता के धर्म, जन्मस्थान और अन्य व्यक्तिगत विवरणों की जानकारी माँगी जा रही है, जिससे विपक्षी नेता पिनरायी विजयन ने तीखा विरोध किया। उन्होंने कहा कि धर्म को नागरिकता से जोड़ना भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध है और यह सामाजिक एकता को नुकसान पहुँचा सकता है। पिनरायी ने इस प्रश्नावली को “धर्म‑आधारित पहचान” का उपकरण कहा और इसे रद्द करने की मांग की।

पिनरायी की इस टिप्पणी के पीछे केरल में हाल ही में हुए कई सामाजिक विरोधों का पृष्ठभूमि है। पिछले सप्ताह बीजेडपी कार्यकर्ताओं ने एलेहिम ग्लोबल वॉरशिप सेंटर के बाहर बाल शोषण के आरोपों पर प्रदर्शन किया, जबकि ऑस्ट्रेलिया के संसद प्रमुख ली रेगिनाल्ड टार्लामिस ने शिवागिरी मठ का दौरा किया, जिससे धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा तेज़ हुई। इसी क्रम में युवा कांग्रेस ने नेशनल एंट्री एग्जाम में कागज़ी लीक के खिलाफ प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की। इन सभी घटनाओं ने पिनरायी को जनगणना प्रश्नावली को लेकर अपनी आवाज़ उठाने के लिए प्रेरित किया।

पिनरायी ने कहा कि जनगणना का मुख्य उद्देश्य जनसंख्या की सटीक जानकारी एकत्र करना और विकासात्मक योजनाओं को सटीक रूप से लागू करना होना चाहिए, न कि किसी विशेष समुदाय को लक्षित करना। उन्होंने केरल में यूडीएफ सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट बयान देने की मांग की और कहा कि यदि सरकार इस प्रकार की प्रश्नावली को जारी रखती है तो यह सामाजिक तनाव को बढ़ा सकता है। पिनरायी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस प्रश्नावली को संशोधित करने में सहयोग करें और जनगणना को सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने वाला उपकरण बनाएं।

स्रोत: The Hindu

© 2026 Kashyap Sandesh. सर्वाधिकार सुरक्षित।

होम · हमारे बारे में · संपर्क · गोपनीयता नीति

Operated by Billionbyte Technologies