जापान में १,८०० लोगों ने ३६० टन किला के मुख्य भाग को रस्सियों व रोलरों से दो मीटर आगे धकेला
हिरोसाकी किले के मुख्य भाग को दो मीटर आगे ले जाने के लिए उत्तर जापान में लगभग एक हज़ार आठ सौ लोगों ने रस्सियों और रोलरों की मदद से एक प्राचीन तकनीक 'हिकिया' का उपयोग किया। यह कार्य किले की दीवार में भूकंप से हुए नुकसान की मरम्मत के हिस्से के रूप में किया गया। इस प्रक्रिया में स्थानीय कारीगरों, स्वयंसेवकों और सरकारी अधिकारियों ने मिलकर काम किया, जिससे किले की संरचना को सुरक्षित रखने में सफलता मिली।
यह पहल भारत‑जापान आर्थिक मंच के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग का प्रतीक है। जुलाई में प्रधानमंत्री मोदी ने जापान व्यापार सप्ताह की घोषणा की थी, जिससे व्यापारिक और सांस्कृतिक आदान‑प्रदान को बढ़ावा मिला। इसी क्रम में जापान के प्रधान मंत्री ने भारत का दौरा किया और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस संदर्भ में हिरोसाकी किले की पुनर्स्थापना दोनों देशों के सांस्कृतिक बंधन को और गहरा करती है।
किले के मुख्य भाग को दो मीटर आगे ले जाने के बाद, विशेषज्ञों ने कहा कि यह कार्य न केवल संरचनात्मक स्थिरता को बढ़ाएगा, बल्कि भविष्य में संभावित भूकंपीय जोखिमों से बचाव में भी मदद करेगा। इस प्रकार, ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा में स्थानीय समुदाय की भागीदारी और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का महत्व स्पष्ट हुआ।