कोलंबिया के नए राष्ट्रपति एबेलार्डो दे ला एस्प्रीएला ने आव्रजन पर कड़ी कार्रवाई की घोषणा
कोलंबिया के राष्ट्रपति एबेलार्डो दे ला एस्प्रीएला ने अपने कार्यकाल के मात्र दो हफ्ते बाद आव्रजन पर कठोर कार्रवाई का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति अवैध रूप से देश में प्रवेश कर चुका है या अपराध में संलग्न है, उसे तुरंत हिरासत में लेकर निर्वासन किया जाएगा। यह घोषणा 10 अगस्त को आए 7.4 तीव्रता के भूकंप के बाद आती है, जिसने 300 से अधिक लोगों की जान ली और 30,000 से अधिक घरों को ध्वस्त कर दिया, जिससे देश में आपदा प्रबंधन की चुनौतियां बढ़ गई हैं।
राष्ट्रपति ने इस कदम को दायित्वपूर्ण सुरक्षा उपाय के रूप में प्रस्तुत किया और इसे अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों से तुलना की। उन्होंने कहा कि इस सप्ताह से ही अवैध प्रवासियों को खोजने और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत लाने के लिए विशेष ऑपरेशन शुरू किए जाएंगे। इस नीति का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करना और आपदा के बाद पुनर्निर्माण कार्य में बाधा डालने वाले तत्वों को समाप्त करना है।
यह नई नीति कोलंबिया के हालिया फुटबॉल सफलता के साथ विरोधाभास में देखी जा रही है, जहाँ राष्ट्रीय टीम ने फ़ीफ़ा विश्व कप के समूह के चरण में पुर्तगाल के साथ शून्य-शून्य ड्रॉ करके समूह का प्रथम स्थान सुरक्षित किया था। खेल में मिली इस जीत ने राष्ट्रीय गर्व को बढ़ाया, जबकि आव्रजन पर कड़ी कार्रवाई सामाजिक तनाव को बढ़ा सकती है। विभिन्न राजनीतिक दल और मानवाधिकार संगठनों ने इस कदम की आलोचना की है, यह तर्क देते हुए कि यह मानवीय सिद्धांतों के विरुद्ध है और आर्थिक पुनरुद्धार को प्रभावित कर सकता है।