कनाडा ने कहा: हम अमेरिकी उपकंपनी नहीं, प्रतिशोधी शुल्क आज घोषित करेंगे
कनाडा के व्यापार मंत्री ने आज कहा कि वह अमेरिकी उपकंपनी नहीं है और इसलिए अमेरिकी व्यापारिक मांगों को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि संयुक्त राज्य द्वारा कनाडाई ऑटोमोबाइल, पुर्ज़े और इस्पात पर ५० प्रतिशत तक के भारी शुल्क की धमकी, हमारे प्रमुख उद्योगों को नष्ट करने की कोशिश है। इस कारण, कनाडा ने प्रतिशोधी शुल्क लागू करने का निर्णय लिया है, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक तनाव बढ़ सकता है।
पिछले कुछ हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय मंच पर कई महत्वपूर्ण घटनाएँ घटी हैं। २७ जून को ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर प्रतिशोधी हमला किया, जिससे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा। उसी समय, यूरोपीय देशों ने इज़राइल के बस्तियों पर हिंसा के लिए प्रतिबंध लगाए, जिससे पश्चिमी तट की स्थिति और जटिल हो गई। इन घटनाओं ने वैश्विक व्यापार और सुरक्षा पर गहरा असर डाला है, और कनाडा के इस कदम को इस व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है।
कनाडा की इस घोषणा से घरेलू उद्योगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जबकि अमेरिकी व्यापारिक प्रतिनिधियों ने इस कदम को असहयोगी माना है। दोनों पक्षों के बीच वार्ता जारी है, लेकिन यदि समझौता नहीं हुआ तो आगे के आर्थिक प्रतिबंध और व्यापारिक टकराव की संभावना बढ़ सकती है। इस स्थिति में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी सतर्क रहना पड़ेगा, क्योंकि व्यापारिक तनाव का असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक स्थिरता पर पड़ सकता है।