मौसम ट्रैकर: जापान में तीव्र वर्षा, फ़्रांस में बवंडर
जापान के इशिकावा और टॉयामा प्रांतों में समुद्र‑से‑आने वाली नमी ने लगातार भारी वर्षा कर दी, जिससे कई नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया। टॉयामा के हीमी शहर में केवल चौबीस घंटे में ३६१.५ मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जो लंदन‑पेरिस की वार्षिक औसत वर्षा का आधा भाग है। इस अत्यधिक वर्षा के कारण कई नदियों के किनारे टूटे, जिससे त्वरित बाढ़ और कीचड़‑भूस्खलन हुए, कई इमारतें ध्वस्त हुईं और स्थानीय जनसंख्या को बड़ी क्षति पहुँची।
इसी दौरान पश्चिमी यूरोप में भी असामान्य मौसम की स्थिति देखी गई। गरज‑बिजली वाले तूफ़ानी बादल फ़्रांस के कुछ क्षेत्रों में फूटे, जिससे बवंडर की संभावना उत्पन्न हुई। तेज़ हवाओं और भारी वर्षा ने कई गांवों में पेड़ गिरने और घरों को नुकसान पहुँचाने की स्थिति पैदा की। मौसम विज्ञानियों ने कहा कि यह अनपेक्षित जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का एक स्पष्ट संकेत है।
इन घटनाओं को देखते हुए, पिछले कुछ हफ़्तों में दिल्ली‑एनसीआर में भी मौसम विभाग ने हल्की‑मध्यम बारिश और गरज के साथ सतर्कता जारी की थी। ७ और ८ जून को दिल्ली‑एनसीआर में हल्की बारिश की भविष्यवाणी की गई थी, और १८ से २१ जून तक बारिश की संभावना के कारण लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई थी। इस प्रकार, एशिया और यूरोप दोनों में असामान्य मौसम की प्रवृत्ति ने वैश्विक जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को उजागर किया है, जिससे भविष्य में अधिक सतर्कता और तैयारी की आवश्यकता स्पष्ट हुई है।