मेट्रोवॉटर ने मेत्तूर बांध से अतिरिक्त जल की माँग की, वीरानाम जलाशय को बढ़ाने के लिए
मेट्रोवॉटर ने बताया कि वीरानाम जलाशय का वर्तमान भंडारण केवल १,४६५ मिलियन क्यूबिक फुट की पूरी क्षमता का पंद्रह प्रतिशत है, जिससे चेन्नई के लाखों नागरिकों को जल आपूर्ति में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए विभाग ने मेत्तूर बांध से अतिरिक्त जल की रिहाई का अनुरोध किया है, जिससे टैंक में जल स्तर सितंबर के पहले सप्ताह तक बढ़ाने की आशा है। यह कदम जल संकट को कम करने और शहर की निरंतर जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक माना गया है।
वहीं, केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के क्षेत्र में 'सुमन रोडमैप २०३०' जारी किया है, जो जल, स्वच्छता और स्वास्थ्य को एकीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के तहत जल संसाधनों का सतत प्रबंधन और आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करने की बात कही गई है, जो मेट्रोवॉटर की इस मांग को नीति स्तर पर समर्थन प्रदान करती है। साथ ही, तेलंगाना में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के स्थानांतरण जैसी प्रशासनिक बदलावों से यह स्पष्ट होता है कि विभिन्न राज्यों में सरकारी विभागों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुनर्गठन किया जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर, सिगाची विस्फोट जैसी आपदाओं से प्रभावित लोगों को तत्काल मुआवजा न मिलने की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे जल सहित बुनियादी सुविधाओं की त्वरित उपलब्धता की आवश्यकता पर बल दिया गया है। मेट्रोवॉटर की यह पहल न केवल जल आपूर्ति को स्थिर करने का प्रयास है, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने और भविष्य में ऐसी आपदाओं के प्रभाव को कम करने की दिशा में भी एक कदम है। इस प्रकार, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य योजना और आपदा राहत के सम्मिलित प्रयासों से चेन्नई के जल संकट का समाधान संभव हो सकता है।