मध्य प्रदेश के मंत्री के शक्कर मूल्य वृद्धि पर टिप्पणी से कांग्रेस में गुस्सा
इंदौर में एक हल्की‑फुल्की बातचीत के दौरान मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शक्कर की कीमतों में अचानक उछाल के बारे में टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मौसमी परिस्थितियों और वैश्विक बाजार में बदलाव के कारण शक्कर की कीमतें बढ़ रही हैं, और यह अस्थायी है। इस टिप्पणी को सुनते ही कांग्रेस के कई नेता तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए सरकार पर जनता को अनावश्यक बोझ डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार को कीमतों को स्थिर करने के लिए तत्काल उपाय करने चाहिए, विशेषकर त्योहारी सीजन के आगमन से पहले।
वर्तमान में भारत की शक्कर निर्यात क्षमता घटती जा रही है; पिछले कुछ महीनों में भारत को निर्यात के लिए पर्याप्त अधिशेष नहीं मिला, जैसा कि जून २२, २०२६ की रिपोर्ट में बताया गया था। इस कारण से घरेलू बाजार में शक्कर की माँग बढ़ी है, जबकि आपूर्ति में कमी आई है। इसी संदर्भ में, हाल ही में भुवनेश्वर में काली शक्कर की २५ लाख रुपये मूल्य की जब्ती हुई, जिससे बाजार में अस्थिरता और बढ़ गई। इन घटनाओं ने शक्कर की कीमतों में उछाल को और अधिक स्पष्ट कर दिया है।
कांग्रेस ने इस पर तीखा विरोध किया और कहा कि सरकार को शक्कर की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए उचित नीतियों का निर्माण करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शक्कर की कीमतों में वृद्धि से आम जनता, विशेषकर मध्यम वर्ग और किसानों की आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। दूसरी ओर, मंत्री ने कहा कि मौसमी कारणों के अलावा, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में शक्कर की कीमतों में उतार‑चढ़ाव भी एक प्रमुख कारण है। इस विवाद ने राजनीतिक माहौल को गरम कर दिया है, और यह देखना बाकी है कि आगामी त्योहारी सीजन में शक्कर की कीमतों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।