नेपाल बाढ़ में मौतों की संख्या बढ़कर ६६९, २,४०० से अधिक लोग लापता
नेपाल के दक्षिणी भाग में बाढ़ की तबाही ने देश को गहरा शोक में डुबो दिया है। निरंतर भारी वर्षा और हिमनदों के पिघलने से नदियों का जलस्तर आसमान छू रहा है, जिससे कई गांव बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक ६६९ लोगों की मौत दर्ज की गई है, जबकि २,४०० से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। इस आपदा ने न केवल स्थानीय जनसंख्या को बल्कि विदेशियों को भी प्रभावित किया है, जिनमें कई भारतीय और अन्य विदेशी नागरिक शामिल हैं।
विदेश मंत्री ने बताया कि बचाव कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए सभी संभव संसाधन जुटाए जा रहे हैं। चीन ने पाँच अनुभवी सुरंग विशेषज्ञ भेजे हैं, जो बाढ़‑ग्रस्त क्षेत्रों में जल निकासी और बचाव मार्ग बनाने में मदद करेंगे। भारत ने भी अपनी टीमों को तैनात कर ११४ भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया है। इन अंतर्राष्ट्रीय सहयोगों से बचाव कार्यों में गति आई है, परंतु अभी भी कई क्षेत्रों में पहुंचना कठिन है।
पिछले हफ्ते तमिलनाडु में अमोनिया गैस रिसाव और वेनेजुएला में दोहरी भूकंप जैसी आपदाओं ने विश्व भर में आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर किया था। उन घटनाओं में भी कई विदेशी नागरिकों की सुरक्षा और त्वरित बचाव को प्राथमिकता दी गई थी। नेपाल में वर्तमान स्थिति को देखते हुए, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और तकनीकी सहायता का महत्व और भी स्पष्ट हो गया है। सरकार ने कहा है कि सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर लापता लोगों को खोजने और बचे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।