नेपाल की घातक बाढ़ में ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की गुमशुदगी फिर बढ़ी, अल्बानिज़ ने अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया
नेपाल‑तिब्बत सीमा पर अचानक आई तेज़ बाढ़ ने कई गाँवों को पूरी तरह नष्ट कर दिया, जिससे 41 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक अब तक लापता हैं। यह संख्या पिछले रात में तीन और बढ़ी, जबकि पहले 38 लोग गुम थे। ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री अल्बानिज़ ने तुरंत काठमांडू में त्वरित प्रतिक्रिया टीम के चार सदस्य भेजने का निर्देश दिया, ताकि खोज‑बीन और राहत कार्य तेज़ी से चल सके। इस आपदा में 93,000 से अधिक लोग ‘अत्यंत आवश्यकता’ में हैं, जिन्हें भोजन, जल और चिकित्सा सहायता की त्वरित जरूरत है।
नेपाल सरकार ने आपातकालीन स्थिति घोषित कर सभी प्रमुख शहरों में आपदा प्रबंधन केंद्र स्थापित किए हैं। काठमांडू में स्थापित अंतर्राष्ट्रीय सहायता केंद्र में विभिन्न देशों के दूतावासों और मानवीय संगठनों ने सहयोग किया है। असम में बाढ़ के दौरान स्थापित राहत शिविरों और तमिलनाडु में अमोनिया रिसाव के बाद स्थापित मेडिकल कैंप की सफलताएँ अब यहाँ लागू की जा रही हैं, जिससे प्रभावित लोगों को शीघ्र चिकित्सा सुविधा मिल सके।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की सहायता के बिना इस आपदा को नियंत्रित करना कठिन होगा। पिछले महीने वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप ने दिखाया कि समय पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग कितनी महत्वपूर्ण है। अब नेपाल में भी समान सहयोग की आवश्यकता है, ताकि बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान, भोजन और स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें। इस संकट से सीख लेकर भविष्य में ऐसी आपदाओं के लिए बेहतर तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली स्थापित की जानी चाहिए।