नेपाल‑तिब्बत सीमा पर बाढ़ से ‘भारी हताहत’ की आशंका
नेपाल‑तिब्बत सीमा पर इस सप्ताह हुई बाढ़ ने दो देशों को गंभीर नुकसान पहुँचाया है। तेज़ वर्षा और अचानक घटित बाढ़ ने कई पहाड़ी गाँवों को जलमग्न कर दिया, घरों को ध्वस्त कर दिया और मुख्य सड़कों व पुलों को तोड़ दिया। नेपाल में प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू हो चुका है, जबकि तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में भूस्खलन के कारण कई लोग लापता हैं और बड़ी हताहत की आशंका है।
यह आपदा भारत के दोदा जिले में हाल ही में हुई बाढ़ और अमेरिका के कान्सास में तेज़ बाढ़ से हुई मौतों की याद दिलाती है। दोदा में दो क्लाउडबर्स्ट के कारण अचानक बाढ़ आई थी, जिससे कई सड़कों पर बाधा उत्पन्न हुई और कई घर बाढ़ में डूब गए थे। इसी प्रकार, कान्सास में एक भारतीय आईटी पेशेवर की गाड़ी बाढ़ में बह कर उसकी मृत्यु हो गई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जलवायु परिवर्तन के कारण विश्वभर में तेज़ बाढ़ की घटनाएँ बढ़ रही हैं।
दोनों देशों के अधिकारी अब आगे की तबाही को रोकने के लिए आपातकालीन उपाय कर रहे हैं। नेपाल में सेना और स्थानीय प्रशासन मिलकर बाढ़‑ग्रस्त क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुँचा रहे हैं, जबकि तिब्बत में विशेष बचाव दल को तैनात किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसी आपदाओं की आवृत्ति बढ़ेगी, इसलिए जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता और पूर्व तैयारी आवश्यक है।