नीरज चोपड़ा ने लौज़ेन डायमंड लीग में दूसरा स्थान हासिल किया, पाथिराज ने खिताब जीता
लौज़ेन में आयोजित डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा ने दूसरे चरण में ८८.०५ मीटर की फेंक के साथ नौ प्रतिभागियों के बीच दूसरा स्थान सुरक्षित किया। यह दूरी उनके पेरिस लीग में दर्ज ८८.१६ मीटर के बाद की सर्वश्रेष्ठ फेंक है, जो उनकी निरंतर प्रगति को दर्शाती है। इस प्रतियोगिता में कई विश्वस्तरीय जावेलिन खिलाड़ी शामिल थे, पर चोपड़ा की स्थिरता ने उन्हें शीर्ष दो में जगह दिलाई।
पिछले कुछ हफ्तों में चोपड़ा ने दोहा डायमंड लीग में चौथा स्थान प्राप्त कर ८५.६९ मीटर की सीजन‑बेस्ट फेंक के साथ राष्ट्रमण्डल खेलों के लिए क्वालीफाई किया था। इसके बाद उन्होंने एशियन गेम्स में अपनी पीठ की चोट से उबरते हुए खिताब बचाने की घोषणा की थी। इन उपलब्धियों ने उनके आत्मविश्वास को और बढ़ाया है और जापान में आयोजित एशियन गेम्स के लिए उन्हें तैयार किया है।
लौज़ेन लीग में पाथिराज ने प्रथम स्थान हासिल कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया, जिससे प्रतियोगिता का माहौल और रोमांचक बन गया। चोपड़ा की इस सफलता को देखते हुए भारतीय जावेलिन टीम को आगामी एशियन गेम्स में मेडल की उम्मीदें बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चोपड़ा अपनी फॉर्म को बनाए रखेंगे तो वह जापान में अपने खिताब को दोबारा जीतने में सक्षम होंगे।