रूस हर महीने यूक्रेन में ६,००० सैनिक खो रहा है, भर्ती क्षमता से कम
पश्चिमी स्रोतों ने बताया कि रूस यूक्रेन के युद्ध में हर महीने लगभग छह हजार सैनिक खो रहा है, जबकि उसकी भर्ती दर केवल एक हजार प्रतिदिन है। इस अंतर को भरने के लिये रूसी सेना ने तेज़ गति से नए सैनिकों को मोर्चे पर भेजा, परन्तु पिछले दो महीनों में यह प्रयास भी पर्याप्त नहीं रहा। इस कारण से कई अनुभवी सैनिकों की कमी महसूस की जा रही है, जिससे मोर्चे पर संचालन में कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही हैं।
पिछले महीनों की रिपोर्टों में यूक्रेन युद्ध में दो मिलियन से अधिक सैन्य हताहतों का उल्लेख है, और विशेष रूप से ४००,०००‑४५०,००० रूसी सैनिकों की मृत्यु का अनुमान लगाया गया है। हाल ही में रूस ने किव के ऊपर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे राजधानी में कई घंटे तक अराजकता बनी रही। इन घटनाओं ने युद्ध की तीव्रता को और स्पष्ट किया, जबकि रूसी सेना को भर्ती में बढ़ती कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
रूस की इस भर्ती‑हानी की स्थिति उसके घरेलू राजनीति पर भी असर डाल रही है। कई विश्लेषकों का मानना है कि लगातार बढ़ते हताहत और भर्ती में कमी से सार्वजनिक समर्थन में गिरावट आ सकती है, जिससे राष्ट्रपति की नीतियों पर प्रश्न उठ सकते हैं। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी रूस की सैन्य क्षमताओं में गिरावट को लेकर सतर्क है, और यूक्रेन को समर्थन जारी रखने की संभावना बढ़ी है।