ऑस्ट्रेलियाई पर्यटकों की संख्या दर्जनों में, नेपाल में बाढ़ में लापता
नेपाल-तिब्बत सीमा के पहाड़ी इलाकों में अचानक आई बाढ़ ने हजारों लोगों को प्रभावित किया है। बाढ़ के कारण कई गाँवों में घर ध्वस्त हो गए, सड़कों और पुलों का ढहना यात्रियों को फँसा रहा है। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने बताया कि अब तक ४०३ लोग लापता हैं, जिनमें ३४१ विदेशी नागरिक शामिल हैं, और रिपोर्टों में कई ऑस्ट्रेलियाई पर्यटकों के नाम सामने आए हैं। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह तुरंत इन यात्रियों की स्थिति की पुष्टि करने के लिए सभी संभव कदम उठा रही है।
इस आपदा के समय भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे ट्रैक‑२ संवाद की खबरें भी सामने आई हैं, जहाँ कई विशेषज्ञों ने कहा कि इस प्रकार की प्राकृतिक आपदाएँ क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा दे सकती हैं। पिछले महीने भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा था कि ऐसी घटनाएँ विश्व भर में नियमित रूप से होती हैं और उनका कोई विशेष महत्व नहीं है, परन्तु इस बार की बाढ़ ने कई देशों के नागरिकों को एक साथ खतरें में डाल दिया है। इसी प्रकार, मणिपुर में नागा नागरिकों के अपहरण के विरोध में हुए बड़े प्रदर्शन ने भी क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल को जटिल बना दिया है।
नेपाल में इस वर्ष का अमरनाथ यात्रा भी शुरू होने वाला है, जहाँ सैकड़ों तीर्थयात्री बालीवाल बेस कैंप पर पहुँच चुके हैं। इस धार्मिक यात्रा के साथ बाढ़ की आपदा ने स्थानीय प्रशासन पर दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है: एक ओर तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और दूसरी ओर बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करना। अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों और पड़ोसी देशों की मदद से बचाव कार्य तेज़ी से चल रहा है, परन्तु अभी भी कई लोगों की स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।