पुडुचेरी में जलसंकट समाधान हेतु डिसैलिनेशन प्लांट व बोरवेल निर्माण की योजना
पुडुचेरी के मुख्य मंत्री ने आज विधानसभा में घोषणा की कि जलसंकट को दूर करने के लिए डिसैलिनेशन प्लांट और बोरवेल का निर्माण इस वर्ष ही शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ समुद्र की ज्वार‑भाटा के पैटर्न का विस्तृत अध्ययन कर रहे हैं ताकि प्लांट का स्थान और क्षमता सही ढंग से निर्धारित की जा सके। यह पहल जल की कमी को स्थायी रूप से हल करने के साथ-साथ समुद्री जल को पीने योग्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पिछले कुछ हफ्तों में ओडिशा में तेज़ परिवहन गलियारे की योजना और बायर्निहत में एथेनॉल संयंत्र के प्रदूषण को लेकर उठे सवालों ने बुनियादी ढांचे के विकास में पर्यावरणीय विचारों की महत्ता को रेखांकित किया है। पुडुचेरी की इस योजना में भी जल संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखकर कार्य किया जा रहा है। बोरवेल के माध्यम से भूजल स्तर को पुनः भरने की कोशिश की जाएगी, जिससे सतत जल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
राज्य सरकार ने कहा कि डिसैलिनेशन प्लांट के निर्माण में नवीनतम तकनीक का उपयोग किया जाएगा जिससे ऊर्जा की खपत कम हो और कार्बन उत्सर्जन घटे। साथ ही, बोरवेल परियोजना को स्थानीय समुदाय की भागीदारी के साथ लागू किया जाएगा, जिससे सामाजिक स्वीकृति और लाभ सुनिश्चित हो। इस प्रकार, पुडुचेरी का जल प्रबंधन मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।