पलाऊ शिखर सम्मेलन में अराजकता: कई प्रशांत द्वीप राष्ट्रों ने बैठक से हटकर घोषणा की | Kashyap Sandesh
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पलाऊ शिखर सम्मेलन में अराजकता: कई प्रशांत द्वीप राष्ट्रों ने बैठक से हटकर घोषणा की

R c Nishad(साहनी) · 30 अगस्त 2026

पलाऊ में आयोजित प्रशांत द्वीप फ़ोरम के शिखर सम्मेलन में अचानक कई प्रमुख देशों के नेताओं ने भागीदारी से हटने का ऐलान किया। सोलोमन द्वीपसमूह के प्रधान मंत्री मैथ्यू वाले ने अपने गृह मंत्रालय के द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव के कारण इस बैठक में उपस्थित नहीं होने का फैसला किया। उसी समय फ़िजी, वानूआतु और सामोआ के प्रमुख भी समान कारणों से या राजनीतिक असहमति के कारण सम्मेलन से बाहर हो गए, जिससे शिखर सम्मेलन की कार्यवाही में अराजकता उत्पन्न हो गई।

यह घटना क्षेत्रीय राजनीति के व्यापक संदर्भ में देखी जा सकती है। हाल ही में डेनमार्क ने अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति से ग्रीनलैंड और फ़रो द्वीपसमूह को स्वतंत्र ओलंपिक टीम के रूप में मान्यता देने की मांग की थी, जिससे क्षेत्रीय पहचान के मुद्दे उजागर हुए। साथ ही, संयुक्त राज्य अमेरिका ने चीन के साथ संबंध सुधारने के लिये अपनी सैन्य कमान का नाम बदलकर अधिक मित्रवत दिखाने की कोशिश की, जो प्रशांत में शक्ति संतुलन को प्रभावित कर रहा है। इसके अतिरिक्त, संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट ने एशिया‑प्रशांत में जलवायु निधि में 800 अरब डॉलर की कमी को उजागर किया, जिससे पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान कठिन हो रहा है।

इन सभी कारकों के मद्देनज़र, प्रशांत द्वीप फ़ोरम को अब अपने उद्देश्यों को पुनः परिभाषित करना होगा और सदस्य देशों के बीच विश्वास पुनर्स्थापित करने के लिये त्वरित संवाद स्थापित करना आवश्यक है। भविष्य में जलवायु परिवर्तन, आर्थिक सहयोग और सुरक्षा के मुद्दों पर सामूहिक कार्रवाई को सुदृढ़ करने हेतु एक नई कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए, जिससे इस क्षेत्र की स्थिरता और विकास सुनिश्चित हो सके।

स्रोत: The Guardian World

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