पूनच में हिरासत मौतें: गुज्जर नेताओं ने सशस्त्र बल न्यायाधिकरण के ब्रिगेडियर रिकॉर्ड साफ करने पर प्रकट किया गुस्सा
पूनच जिले में २१ दिसंबर २०२३ को डेरा की गली के पास हुए घातक ambush में चार भारतीय सैनिकों की हत्या हुई, दो सैनिकों के शरीर को बर्बाद कर दिया गया। इस घटना के बाद भारतीय सेना ने व्यापक ऑपरेशन चलाया, जिसमें कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। इस प्रक्रिया में कुछ हिरासत में रखे गए व्यक्तियों की मृत्यु हो गई, जिससे स्थानीय गुज्जर समुदाय में गहरा असंतोष उत्पन्न हुआ।
हाल ही में सशस्त्र बल न्यायाधिकरण ने ब्रिगेडियर के रिकॉर्ड को साफ करने का आदेश दिया, जिससे गुज्जर नेताओं ने तीखा विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न्यायसंगत नहीं है और पीड़ित परिवारों के दर्द को अनदेखा करता है। इस निर्णय के खिलाफ उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और सरकार से जवाबदेही की मांग की।
पिछले हफ्ते लकीर नियंत्रण के निकट पाकिस्तानी राष्ट्रीय को पकड़े जाने और अफगानिस्तान के ६.२ तीव्रता वाले भूकंप के कंपन महसूस होने जैसी घटनाओं ने क्षेत्र की सुरक्षा माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है। इन घटनाओं ने स्थानीय जनता में सुरक्षा के प्रति चिंता बढ़ा दी है और प्रशासन पर दबाव बढ़ा है कि वह पारदर्शी और त्वरित कार्रवाई करे। इस संदर्भ में गुज्जर नेताओं की आवाज़ और भी महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि वे अपने समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कदमों की मांग कर रहे हैं।