रोथरहैम के रोगियों को स्थानीय लहजे में समझ न आने वाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता रिसेप्शनिस्ट से निराशा | Kashyap Sandesh
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रोथरहैम के रोगियों को स्थानीय लहजे में समझ न आने वाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता रिसेप्शनिस्ट से निराशा

R c Nishad(साहनी) · 20 अगस्त 2026

रोथरहैम के कई स्वास्थ्य केंद्रों ने हाल ही में 'एमा' नामक कृत्रिम बुद्धिमत्ता रिसेप्शनिस्ट को लागू किया, जो सत्रह विभिन्न भाषाओं में संवाद करने का दावा करता है। हालांकि, इस प्रणाली को स्थानीय उच्चारणों, विशेषकर दक्षिण यॉर्कशायर के विशिष्ट लहजे, को पहचानने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। रोगियों ने बार‑बार बताया कि उनके नाम और अपॉइंटमेंट की जानकारी अधूरी या गलत दर्ज हो रही है, जिससे उन्हें कॉल काटना पड़ता है और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में बाधा आती है।

यह समस्या पहले भी देखी गई है, जब कैंसर रोगियों को AI‑आधारित जानकारी प्रणाली ने बिना संदर्भ के सलाह दी, जिससे डॉक्टरों और रोगियों के बीच भ्रम उत्पन्न हुआ। इसी प्रकार, दक्षिण अफ्रीका की महिला क्रिकेट टीम के मुकाबले में भी तकनीकी त्रुटियों ने खेल के परिणाम को प्रभावित किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विविध परिस्थितियों में तकनीक की विश्वसनीयता पर पुनर्विचार आवश्यक है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की प्रणाली को स्थानीय भाषा विशेषज्ञों और ध्वनि विज्ञानियों के सहयोग से प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। इससे न केवल लहजे की विविधता को समझा जा सकेगा, बल्कि रोगियों के विश्वास को भी पुनः स्थापित किया जा सकेगा। स्वास्थ्य देखरेख एजेंसी ने तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने और प्रणाली की त्रुटियों को दूर करने का आग्रह किया है, ताकि भविष्य में ऐसी निराशा न हो।

स्रोत: The Guardian World

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