स्पेन के प्रधानमंत्री ने कहा, मोरक्को को सेउटा सीमा उल्लंघन का दोष नहीं
स्पेन के प्रधान मंत्री पेद्रो सांचेज़ ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मोरक्को सरकार पर सेउटा में हुए बड़े पैमाने के सीमा उल्लंघन का कोई प्रमाण नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि इस घटना में लगभग सत्तर हजार पुरुष, महिलाएँ और बच्चे शामिल थे, जिनमें से एक सौ से अधिक लोग समुद्र पार करने के दौरान मारे गए। इस बड़े प्रवाह ने स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी एन्क्लेव में मानवीय आपदा और राजनीतिक संकट को जन्म दिया, जिससे यूरोपीय संघ के भीतर आप्रवासन नीति पर बहस फिर से तेज हो गई।
पिछले महीनों में मोरक्को को विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर ध्यान मिला था, जैसे कि विश्व कप में मोरक्को की टीम ने नीदरलैंड के खिलाफ कठिन मुकाबला किया और कई विश्लेषकों ने मोरक्को की खेल नीति और सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा की। इन पृष्ठभूमियों को देखते हुए, सांचेज़ ने स्पष्ट किया कि इस सीमा उल्लंघन में मोरक्को की सरकार की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है, बल्कि यह एक जटिल मानवीय संकट है जिसके समाधान के लिए दोनों देशों को मिलकर काम करना होगा।
सांचेज़ ने कहा कि स्पेन और मोरक्को दोनों ने इस आपदा के बाद आपसी सहयोग को बढ़ाने का संकल्प लिया है और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर शरणार्थियों की सुरक्षा और पुनर्वास के उपायों को तेज़ी से लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सीमा सुरक्षा को सुदृढ़ करना आवश्यक है, साथ ही मानवीय सहायता को प्राथमिकता देना चाहिए। इस प्रकार, इस संकट ने यूरोपीय संघ के भीतर आप्रवासन नीति, सीमा सुरक्षा और मानवीय सहायता के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता को फिर से उजागर किया है।