तमिलनाडु में सम्मान हत्या के पीड़ितों के लिए सुरक्षित घरों की स्थापना
तमिलनाडु के सामाजिक न्याय मंत्री वन्नी अरासु ने शुक्रवार को विधानसभा में घोषणा की कि राज्य के कई जिलों में सम्मान हत्या के शिकार जोड़ों के लिए सुरक्षित घर स्थापित किए जाएंगे। यह पहल सुप्रीम कोर्ट के शक्ति वाहिनी बनाम भारत संघ के निर्णय के अनुरूप है, जिसमें महिलाओं और कमजोर वर्गों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आदेश दिया गया था। सरकार ने इस दिशा में कार्यकर्ता संगठनों और पीड़ितों के प्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों को भी ध्यान में रखा है।
पिछले सप्ताह ग.के. वासन ने डॉक्टरों की मांगों को लेकर तमिलनाडु सरकार से त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया था, जिससे सामाजिक मुद्दों पर सरकार की संवेदनशीलता स्पष्ट हुई। इसी क्रम में कश्मीर में पंडित सरला भाट की हत्या के मामले में चार्ज शीट जारी होने से पुलिस की जवाबदेही पर भी प्रकाश पड़ा, जो न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता को दर्शाता है। इन घटनाओं ने तमिलनाडु में सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता को और अधिक उजागर किया।
सुरक्षित घरों में शरणार्थियों को न केवल आवास बल्कि कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श और पुनर्वास कार्यक्रम भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे पीड़ित परिवारों को सामाजिक कलंक से बचाते हुए आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। सरकार का यह कदम सम्मान हत्या को रोकने, पीड़ितों को संरक्षण देने और सामाजिक न्याय को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।