तमिलनाडु सरकार १८ जुलाई और १ नवंबर को राज्य का इतिहास मनाएगी, विजय का बयान
तमिलनाडु सरकार ने राज्य के इतिहास को मनाने के लिए दो दिन तय किए हैं। पहले एआईएडीएमके की सरकार में मुख्यमंत्री एडप्पादी के पलानीस्वामी ने १ नवंबर को तमिलनाडु दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। लेकिन २०२१ में डीएमके की सरकार आने के बाद यह परंपरा बदलकर १८ जुलाई कर दी गई।
अब विजय ने कहा है कि तमिलनाडु सरकार दोनों दिनों को राज्य के इतिहास के रूप में मनाएगी। यह निर्णय राज्य के इतिहास और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है। तमिलनाडु का इतिहास बहुत समृद्ध और विविध है, और इसका जश्न मनाने के लिए दो दिन तय करना एक अच्छा निर्णय है।
तमिलनाडु का इतिहास प्राचीन काल से शुरू होता है, जब यह क्षेत्र विभिन्न राजवंशों के अधीन था। बाद में यह ब्रिटिश शासन के अधीन आया, और आजादी के बाद यह एक स्वतंत्र राज्य बन गया। तमिलनाडु की संस्कृति भी बहुत समृद्ध है, जिसमें संगीत, नृत्य, साहित्य और कला की एक विशाल विरासत है।
तमिलनाडु सरकार का यह निर्णय राज्य के इतिहास और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक अच्छा कदम है। यह निर्णय न केवल राज्य के निवासियों को अपने इतिहास और संस्कृति के बारे में जानने का अवसर प्रदान करेगा, बल्कि यह पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा जो तमिलनाडु की समृद्ध विरासत का अनुभव करना चाहते हैं।