ट्रम्प ने उदार राष्ट्रीय गार्ड नीति रिपोर्ट पर पाँच अरब डॉलर के मुकदमे की धमकी दी
सेंटर फॉर अमेरिकन प्रोग्रेस (सीएपी) द्वारा १३ जुलाई को प्रकाशित रिपोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय गार्ड की तैनाती ने वाशिंगटन डीसी, मेम्फिस और लॉस एंजिल्स जैसे बड़े शहरों में अपराध दर को घटाने में कोई स्पष्ट प्रभाव नहीं डाला। रिपोर्ट के अनुसार, इन शहरों में अपराध में गिरावट पहले ही २०२५ में राष्ट्रपति पद ग्रहण करने से पहले शुरू हो चुकी थी, और राष्ट्रीय गार्ड की उपस्थिति का कोई सांख्यिकीय प्रमाण नहीं मिला। इस अध्ययन ने बताया कि राष्ट्रीय गार्ड के बिना भी समान या अधिक गिरावट देखी गई, जिससे इस नीति की लागत‑प्रभावशीलता पर सवाल उठे।
रिपोर्ट के प्रकाशन के बाद, ट्रम्प के वकील ने सीएपी को एक पत्र भेजा, जिसमें रिपोर्ट को वापस लेने की मांग की गई और यदि नहीं किया गया तो पाँच अरब डॉलर के मुकदमे की धमकी दी गई। यह कदम अमेरिकी रक्षा नीति के व्यापक विमर्श में नया मोड़ है, जहाँ पिछले सप्ताह नई रक्षा सचिव ने रक्षा बजट में अतिरिक्त १.५ अरब डॉलर की माँग की थी, जिससे पूर्व सचिव के इस्तीफे के बाद वित्तीय अंतर को पाटने की कोशिश की जा रही है। इस संदर्भ में, राष्ट्रीय गार्ड की लागत को लेकर उठाए गए प्रश्न और भी जटिल हो गए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कानूनी धमकी ट्रम्प के आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकती है, जहाँ वह राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा खर्च को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसी दौरान, डॉउनिंग स्ट्रीट के वरिष्ठ सहयोगियों ने एंडी बर्नहैम को अधिक रक्षा खर्च के लिए लुभाने की कोशिश की थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अमेरिकी रक्षा नीति में विभिन्न पक्षों के हित टकरा रहे हैं। राष्ट्रीय गार्ड की प्रभावशीलता पर इस प्रकार की बहस न केवल घरेलू सुरक्षा बल्कि अंतर्राष्ट्रीय रणनीति को भी प्रभावित करेगी।