ट्रंप ने प्राइमटाइम संबोधन में पांच दावे किए जिनका कोई प्रमाण नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को अपने संबोधन में अमेरिकी चुनावों के प्रति खतरों पर चर्चा की, जिसमें उन्होंने कई गलत और भ्रामक दावे किए। उन्होंने पूर्व में वर्गीकृत दस्तावेजों को जारी करने का फैसला किया ताकि उनके दावों को समर्थन मिल सके। लेकिन कुछ मामलों में, उनके दावों का समर्थन करने वाले दस्तावेज नहीं थे। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण दावों का विश्लेषण है जो अमेरिकी जनता को भ्रमित कर सकते हैं।
ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि चीन ने अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप किया है, लेकिन उनके दावों का समर्थन करने वाले कोई भी दस्तावेज नहीं थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप करने वाले देशों की सूची में चीन का नाम शामिल है, लेकिन उनके दावों का समर्थन करने वाले कोई भी दस्तावेज नहीं थे।
ट्रंप ने अपने संबोधन में यह भी दावा किया कि अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप करने वाले देशों की सूची में रूस का नाम शामिल है, लेकिन उनके दावों का समर्थन करने वाले कोई भी दस्तावेज नहीं थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप करने वाले देशों की सूची में चीन और रूस के अलावा अन्य देशों का नाम शामिल है, लेकिन उनके दावों का समर्थन करने वाले कोई भी दस्तावेज नहीं थे।