टेट भाइयों ने जमानत की मांग की, यूके में प्रत्यर्पण से बचने की कोशिश
टेट भाइयों, एंड्रयू और ट्रिस्टन, के वकील ने मियामी स्थित अमेरिकी न्यायाधीश को यह तर्क दिया कि उन्हें जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए, क्योंकि वे यूके में बलात्कार के आरोपों से बचने के लिए प्रत्यर्पण प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। वकील ने यह भी कहा कि दोनों ने रोमानिया में पूर्व परीक्षण रिहाई के दौरान कई बार अदालत में हाजिरी दी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे भागने की संभावना नहीं रखते।
इस मामले को हाल ही में हुए कई जमानत संबंधी मामलों के साथ तुलना की जा रही है, जैसे कि पटना कोर्ट में खान सर के बंधक मामले में अदालत ने जमानत से इनकार किया था और गिरफ्तारी को जुलाई तक स्थगित किया गया था। इन पूर्व मामलों ने न्यायालय को यह समझाने में मदद की है कि जमानत के निर्णय में प्रत्येक मामले की विशिष्ट परिस्थितियों को ध्यान में रखना आवश्यक है।
टेट भाइयों की जमानत सुनवाई अभी जारी है, और दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीव्र बहस चल रही है। यदि जमानत प्रदान की जाती है, तो यह उनके प्रत्यर्पण को लंबित कर सकता है, जबकि जमानत न मिलने पर उन्हें यूके में प्रत्यर्पित किया जा सकता है। इस बीच, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस मामले पर विभिन्न राय बन रही हैं, और यह देखना बाकी है कि न्यायालय किस दिशा में निर्णय लेगा।