उत्पादकता आयोग ने कहा, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के जीएसटी समझौते पर ‘पूर्वी तट के जोकर’ कहे जाने से सीमा पार हो गई | Kashyap Sandesh
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उत्पादकता आयोग ने कहा, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के जीएसटी समझौते पर ‘पूर्वी तट के जोकर’ कहे जाने से सीमा पार हो गई

R c Nishad(साहनी) · 26 अगस्त 2026

उत्पादकता आयोग ने हाल ही में पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के जीएसटी समझौते की कठोर समीक्षा की, जिसमें इसे एक महँगा और असंगत सौदा बताया गया। आयोग की सदस्य एंजेला जैक्सन ने कहा कि इस समझौते ने राज्य की वित्तीय स्थिति को कमजोर किया और इसे सुधारना आवश्यक है। इस रिपोर्ट के बाद पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख ने आयोग के सदस्यों को ‘पूर्वी तट के जोकर’ कहा, जिसे आयोग ने ‘सीमा पार’ कर दिया गया टिप्पणी कहा।

अधिकारियों ने इस प्रकार की आपत्तिजनक भाषा को अस्वीकार्य घोषित किया और कहा कि आर्थिक सलाहकार संस्थाओं की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बरकरार रखना लोकतंत्र की बुनियाद है। एंजेला जैक्सन ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानिज़े ने पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के जीएसटी व्यवस्था में बदलाव को अस्वीकार किया, जिससे सार्वजनिक विश्वास में गिरावट आई है। इस पर विभिन्न राजनीतिक दलों ने प्रतिक्रिया दी, कुछ ने आयोग की रिपोर्ट को सराहा तो कुछ ने सरकार की नीति को समर्थन दिया।

यह विवाद अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के बड़े परिप्रेक्ष्य में भी देखा गया। कुछ हफ्ते पहले भारत‑अमेरिका व्यापार समझौते की समाप्ति की ओर बढ़ते कदमों को लेकर विश्व स्तर पर सकारात्मक चर्चा चल रही थी, जबकि नागालैंड में इंटीर लाइन रेगुलेशन आयोग ने पारदर्शिता और समावेशिता के सिद्धांतों को दोहराया। इन दोनों घटनाओं ने दिखाया कि राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक नीतियों की समीक्षा और सार्वजनिक संवाद दोनों ही आवश्यक हैं, ताकि नीतियों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके।

स्रोत: The Guardian World

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