उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने आरक्षण सुधार आंदोलन के कार्यकर्ताओं से मुलाकात, केंद्रीय मंत्रियों के साथ संवाद का आश्वासन
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने राजधानी लखनऊ में आरक्षण सुधार आंदोलन के कुछ कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने आंदोलन के उद्देश्यों को समझते हुए सरकार की नीति में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास इस मुद्दे को सुलझाने के लिए पर्याप्त साधन हैं और वह केंद्रीय मंत्रियों के साथ सीधे संवाद स्थापित करने के लिए तत्पर हैं। इस मुलाकात में आंदोलन के कुछ प्रमुख नेता उपस्थित नहीं हुए, उन्होंने आंदोलन की स्वतंत्रता को बनाए रखने की बात दोहराई।
पिछले कुछ हफ्तों में विभिन्न क्षेत्रों में सरकार ने संवाद की पहल की है; उदाहरण के तौर पर कृषि शिक्षा में अंतर्राष्ट्रीय मान्यता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर चर्चा हुई, कर सुधारों के माध्यम से विदेशी पूँजी को आकर्षित करने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ, तथा शरणार्थी नीतियों में सुधार के लिए भी व्यापक चर्चा हुई। इन सभी घटनाओं ने यह सिद्ध किया है कि नीति निर्माण में विभिन्न हितधारकों की भागीदारी को महत्व दिया जा रहा है, और यह आरक्षण सुधार आंदोलन के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है।
आंदोलन के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे तब तक संघर्ष जारी रखेंगे जब तक सरकार उनके प्रतिनिधियों से सीधे बात नहीं करती। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि वह सभी प्रमुख मांगों को सुनने के लिए एक मंच स्थापित करे, जिससे समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें। उपमुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि संवाद के बिना कोई स्थायी समाधान संभव नहीं, और उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही केंद्रीय मंत्रियों के साथ एक विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी। इस प्रकार, इस मुलाकात से आशा की जा रही है कि आरक्षण सुधार की मांगें भी सरकार के एजेंडा में प्रमुख स्थान प्राप्त करेंगी।