उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी ने चार समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर, MSME के लिए 600 करोड़ रुपये का निधि
नई दिल्ली में आयोजित भारत-जापान आर्थिक मंच के दौरान उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रांत ने चार समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों में MSME (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) के विकास के लिए 600 करोड़ रुपये की निधि स्थापित करने का प्रावधान है, जिससे छोटे उद्योगों को तकनीकी सहायता, वित्तीय समर्थन और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम भारत-जापान के हालिया रक्षा सहयोग समझौते और जापान बिजनेस वीक के बाद दो देशों के बीच आर्थिक संबंधों को गहरा करने का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यामानाशी डेस्क की स्थापना और जेट्रो व जिका के साथ नियमित समन्वय से संवाद से कार्यान्वयन तक की प्रक्रिया तेज़ होगी। यह निधि विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के उन क्षेत्रों में लक्षित होगी जहाँ उद्यमिता की संभावनाएँ अधिक हैं, और इससे रोजगार सृजन तथा आय में वृद्धि की उम्मीद है। साथ ही, यह पहल राज्य के औद्योगिक नीतियों के साथ संरेखित है, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा।
पिछले कुछ महीनों में भारत और जापान ने कई महत्वपूर्ण सहयोगी कदम उठाए हैं, जैसे कि रक्षा क्षेत्र में पहला संयुक्त विकास समझौता और जापान बिजनेस वीक का आयोजन, जिसने दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई दिशा दी। इन पृष्ठभूमि में यामानाशी के साथ यह समझौता, उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय निवेश के नए द्वार खोलने में सहायक सिद्ध होगा, और राज्य के आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगा।