वेनिज़ुएला की विपक्षी में उथल‑पुथल: अमेरिका के तेल‑गैस हिस्से की संभावनाओं पर तीखा विरोध
संयुक्त राज्य अमेरिका ने वेनिज़ुएला के विशाल ऊर्जा संसाधनों में दीर्घकालिक हिस्सेदारी हासिल करने की योजना बनायी़ है, ऐसी खबरें कई मीडिया संगठनों ने इस सप्ताह प्रकाशित कीं। यह कदम, जो जनवरी में वेनिज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने के बाद से अमेरिकी नीतियों का हिस्सा रहा है, को विपक्षी दल ने ‘शिकारी’ और ‘संवैधानिक उल्लंघन’ के रूप में निंदा किया है। वेनिज़ुएला की सरकार ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है और कहा है कि देश की ऊर्जा संपदा राष्ट्रीय हितों के तहत ही रहनी चाहिए।
पिछले महीनों में अंतर्राष्ट्रीय मंच पर शक्ति संतुलन के कई संकेत मिले हैं। जून 2026 में संयुक्त राज्य और रूस ने विश्व के परमाणु हथियार भंडार के ८३ प्रतिशत हिस्से को नियंत्रित करने की रिपोर्ट सामने आई, जिससे वैश्विक सुरक्षा पर नई चुनौतियां उत्पन्न हुईं। इसी समय, भारत के मणिपुर राज्य में सुरक्षा बलों ने कई विद्रोही समूहों को गिरफ़्तार किया और बड़ी मात्रा में हथियार व मादक पदार्थों को बरामद किया, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा की जटिलता स्पष्ट हुई। इन घटनाओं ने दिखाया कि बड़े राष्ट्र अपने रणनीतिक हितों को सुरक्षित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से हस्तक्षेप कर रहे हैं।
वेनिज़ुएला के विरोधी दलों का मानना है कि अमेरिकी ऊर्जा हिस्सेदारी की मांग देश की संप्रभुता को कमजोर करेगी और आर्थिक शोषण का नया रूप स्थापित करेगी। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे इस कदम को ‘असंवैधानिक’ मानें और वेनिज़ुएला की ऊर्जा नीति में विदेशी हस्तक्षेप को रोकने के लिए समर्थन प्रदान करें। इस बीच, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि उनका उद्देश्य केवल स्थिर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना है, न कि वेनिज़ुएला की राष्ट्रीय संप्रभुता को चुनौती देना। भविष्य में इस विवाद का विकास अंतर्राष्ट्रीय राजनयिक संबंधों और ऊर्जा बाजारों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।