१६ वर्षीय किशोर ने सिडनी ओपेरा हाउस और मैराथन को लक्ष्य बनाकर आतंकवादी बम योजना बनाने का अपराध स्वीकार किया | Kashyap Sandesh
अंतर्राष्ट्रीय

१६ वर्षीय किशोर ने सिडनी ओपेरा हाउस और मैराथन को लक्ष्य बनाकर आतंकवादी बम योजना बनाने का अपराध स्वीकार किया

R c Nishad(साहनी) · 1 सितंबर 2026

सिडनी के एक हाई स्कूल के छात्र ने अदालत में बताया कि वह सोशल मीडिया के एक लोकप्रिय मंच टिकटोक पर मिलने वाले कट्टर विचारों के कारण उग्रवादी समूहों की ओर आकर्षित हुआ। वह टेलीग्राम नामक संदेश सेवा के माध्यम से विदेशियों से जुड़ गया और ओपेरा हाउस तथा वार्षिक मैराथन को लक्ष्य बनाकर बम बनाने की योजना बनायी। इस प्रक्रिया में उसने कई महीनों तक गुप्त रूप से सामग्री इकट्ठी की और विस्फोटक पदार्थों की व्यवस्था की।

न्यायालय ने किशोर की स्वीकृति को स्वीकार किया और उसे आतंकवादी योजना बनाने के अपराध में दंडनीय माना। इस प्रकार की युवा आयु में उग्रवाद की प्रवृत्ति को रोकने के लिए सरकार ने शिक्षा संस्थानों में डिजिटल साक्षरता और मानसिक स्वास्थ्य समर्थन को सुदृढ़ करने का प्रस्ताव रखा। पिछले मामलों में, जैसे डबलिन में एक व्यक्ति द्वारा बच्चों पर हमले और कैलिफ़ोर्निया में नकली फिरौती नोट लिखने वाले व्यक्ति की सजा, यह स्पष्ट होता है कि न्यायिक प्रणाली गंभीरता से कार्य कर रही है।

इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा को जन्म दिया है, क्योंकि पहले भी कई देशों में युवा वर्ग द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से उग्रवादी विचारों को अपनाने के मामले सामने आए हैं। पूर्व तुर्की सांसद के चुनावी दांव पर जुए की सज़ा और अन्य मामलों की तरह, इस केस में भी सामाजिक और कानूनी पहलुओं को मिलाकर समाधान निकालना आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल प्लेटफ़ॉर्म की निगरानी को कड़ा करके और परिवार एवं स्कूलों को जागरूक बनाकर ऐसे खतरों को रोका जा सकता है।

स्रोत: The Guardian World

© 2026 Kashyap Sandesh. सर्वाधिकार सुरक्षित।

होम · हमारे बारे में · संपर्क · गोपनीयता नीति

Operated by Billionbyte Technologies